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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जन्मदिवस पर गुरुवार को गुलाबी नगरी जयपुर में विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। वहीं,प्रदेश में आए तुफान के चलते लोगों की मौत के बाद स्वयं अशोक गहलोत ने जन्मदिन सादगी से मनाया। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के जन्मदिवस पर 482 यूनिट रक्त एकत्रित कालवाड़ रोड़ स्थित सांगा मैरिज गार्डन में गुरूवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत के जन्मदिन पर झोटवाड़ा युवा नेता एवं पीसीसी सदस्य मुकेश वर्मा(कुमावत) के तत्वावधान में साथी सेवा संस्थान की और से आयोजित रक्तदान शिविर में 482 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ।  शिविर में पूर्व सांसद महेश जोशी, अश्कअली टांक,बी एल खाबरी,एआईसीसी सदस्य एवं पीसीसी महासचिव वैभव गहलोत,पुखराज पाराशर,संजय बापना,पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल,पीसीसी उपाध्यक्ष व प्रवक्ता डॉ अर्चना शर्मा,हरीश चौधरी,मो.इक़बाल,देवेंद्र बुटाटी,विजय जांगिड़ व अन्य कांग्रेसजन ने शिरकत की। शिविर एसएमएस ब्लड बैंक,स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक और डॉ रामपाल ब्लड बैंक के सहयोग से लिया गया। शिविर में युवाओं एवं सहयोगियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। 350 युनिट रक्त हुआ एकत्रित प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग की तरफ से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे 350 युनिट रक्त एकत्र किया गया। कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष श्रवण तंवर ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार से आमजन परेशान और दुखी हो गया है। इस सरकार ने ना तो किसानों के हित के कभी सोचा और ना ही व्यापारियों के लिए। इस सरकार में मजदूर से लेकर व्यापारी तक सभी त्रस्त हैं और आज गहलोत के जन्मदिन पर उमड़े जनसैलाब को देखते हुए लगता है कि राजस्थान की जनता ने सरकार को बदलने का मन बना लिया है।  ओबीसी विभाग के प्रदेश संयोजक राजेंद्र सैन ने बताया कि जिस उत्साह से आज प्रदेश भर में लोगों ने रक्तदान में भाग लिया है वह इस बात का संकेत है कि भाजपा सरकार का जाना तय है। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री लालचंद कटारिया ,प्रदेश कांग्रेस महासचिव वैभव गहलोत ,हरिशंकर जांगिड़ ,अनुभव चंदेल ,हरदीप चहल,अमर चंद कुमावत ,नितेश सोनी,अंकित जांगिड़ ,चंद्र प्रकाश सैन ,धनराज कुमावत,लोकेश सैनी ,दिनेश कुमावत ,सुमंत सिंह जगावत ,दीपक सैनी,किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव डॉ मनोज नालपुरिया ,अनुसूचित जाति विभाग के शहर अध्यक्ष सुरेश गोड़ीवाल,महासचिव दशरथ बुनकर,उद्योग प्रकोष्ठ सचिव सुनील सेवक, विराट नगर ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सेन ,शाहपुरा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामजीलाल सैन समेत अनेक कांग्रेस जन मौजूद थे।  

जयपुर, 28 अप्रेल। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने कहा है कि निजी स्कूलों में फीस वृद्धि में मनमानी को लेकर अभिभावक परेशान हैं, सड़कों पर उतर आये हैं, 20 से 50 प्रतिशत तक की फीस में वृद्धि ने सरकार की नाकामी को पूरी तरह उजागर कर दिया है। सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। अभिभावकों को मजबूर होकर उच्च न्यायालय की शरण में जाना पडा है। 
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि फीस नियंत्रण में राज्य सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। महंगाई सूचकांक के आधार पर विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए औचित्यपूर्ण फीस निर्धारित करनी चाहिये।  निजी स्कूलों की मनमानी के चलते अप्रत्याशित वृद्धि के खिलाफ राज्य सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिये। स्कूलों में अब भी कापी-किताबें, बस्ते, ड्रेस, जूते आदि स्कूल से या उनके द्वारा निर्धारित दुकानों से ही खरीदने पड़ते हैं, जिनकी कीमतें सामान्य दरों से कहीं ज्यादा होती है। 
गहलोत ने कहा सरकार या तो खुद किताबें छपवाये या अधिकतम मूल्य निर्धारित करे। बस्ते और ड्रेस आदि की दरें भी खुले बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक दरों के अनुसार तय की जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि के विरोध में शिकायत करने वाले अभिभावकों की राज्य सरकार में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार जानबूझकर उदासीन बनी हुई है और निजी स्कूलों को लूट की खुली छूट दे दी है, जबकि निजी स्कूलों द्वारा कानून का पालन कराना उनकी जिम्मेदारी है। 
कानून के अनुसार सरकार ने विद्यालय स्तरीय फीस निर्धारण समिति का गठन किया है, जिसमें अभिभावक व अध्यापक संगम मिलकर फीस का निर्धारण करते हैं। इसके निर्णय के विरूद्ध सम्भागीय आयुक्त को अपील करने का अधिकार भी दिया गया है। उसके पश्चात् राज्य सरकार को शिकायत करने का प्रावधान किया गया है। आश्चर्य इस बात का है कि खुद सरकार इस कानून को लागू नहीं करवा पा रही है। 

जयपुर, 20 अप्रेल। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान में रोजाना दुष्कर्म की 10 से ज्यादा घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे कांग्रेस शासन के समय दहाड़ा करती थी कि जिस सरकार में बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है, उन्हें चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। मुख्यमंत्री क्या अब अपनी खुद की सलाह पर अमल करेंगी? 
गहलोत ने एक बयान में कहा कि पुलिस मुख्यालय की तिमाही रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि इस वर्ष मार्च तक 90 दिन में सरकार की नाक के नीचे जयपुर रैंज में ही 183 महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आई हैं। जहां तक प्रदेश का संबंध है इसी अवधि में 966 महिलाओं को निशाना बनाया गया। 
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पुलिस का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है। ये बात दीगर है कि गृहमंत्री  गुलाबचंद कटारिया अपने महकमे को लेकर बड़ी-बड़ी डींगें मारते हैं। जबकि हकीकत में उनकी कोई सुनता नहीं। महिला मुख्यमंत्री खुद संवेदनहीन बनी हुई हैं। महिला सशक्तिकरण करने की बातों में तो वो आगे हैं मगर हकीकत में आज महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाओं को घर से निकलने में डर लगने लगा है। बच्चियां तो आज के भाजपा शासन काल में घर में भी सुरक्षित दिखाई नहीं दे रही। 
गहलोत ने कहा कि सरकार ने 12 वर्ष तक की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को मौत की सजा देने का विधेयक सर्वसम्मति से पारित कर इतिश्री तो कर ली लेकिन प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। अपराधियों में पुलिस का भय खत्म हो चुका है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ितों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लगता है मुख्यमंत्री प्रशासन पर अपनी पकड़ पूरी तरह खो चुकी हैं।


जनार्दन द्विवेदी की जगह अशोक गहलोत को बनाया कांग्रेस का संगठन महासचिव, जनार्दन द्विवेदी ने खुद निकाले खुद को हटाने और गहलोत की नियुक्ति के आदेश, अशोक गहलोत की जगह राजीव सातव बने गुजरात कांग्रेस के प्रभारी, अशोक गहलोत ने ट्वीट करके राजीव सातव को बधाई दी, गहलोत ने कहा, संगठन मजबूत करने में हम सब लोगों की भागीदारी होगी, जयुपर. कांग्रेस अध्यक्ष राहुलगांधी ने बड़ा बदलाव करते हुए अशोक गहलोत को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी है, अशोक गहलोत को जनार्दन द्विवेदी की जगह कांगेस का संगठन महासचिव बनाया है। राजीव सातव को अशोक गहलोत की जगह गुजरात का प्रभारी बनाया है, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को उड़ीसा का प्रभारी बनाया है, महेंद्र जोशी की जगह लालजी देसाई को सेवादल का मुख्य संगठक बनाया है। अशोक गहलोत ने टृवीट करके राजीव सातव को बधाई दी और  गुजरात कांग्रेस नेताओं का  आभार जताया, गहलोत ने  गुजरात कांग्रेस के नेताओं से राजीव सातव का सहयोग करने और उनके साथ पार्टी को मजबूत करने के काम में जुटने की अपील की। नई जिम्मेदाी मिलने पर गहलोत ने कहा कि गहलोत ने कहा, संगठन मजबूत करने में हम सब लोगों की भागीदारी होगी।   
कांग्रेस में संगठन महासचिव बनने वाले गहलोत राजस्थान के पहले कांग्रेस नेता : 

 अशोक गहलोत को कांग्रेस का संगठन व प्रशिक्षण महासचिव बनाने के बाद कांग्रेस की केंद्रीय राजनीति में उनका कद बढ़ गया है। गहलोत अब कांग्रेस अध्यक्ष के लगातार संपर्क में रहेंगे। कांग्रेस में सभी अहम फैसले और नियुक्तियां अशोक गहलोत के दस्तखत से होंगी। कांग्रेस संगठन और प्रशिक्षण का जिम्मा गहलोत के पास रहेगा।  राजस्थान से कांग्रेस मेेंं इस पद पर पहुंचने वाले अशोक गहलोत पहले नेता हैं। अशोक गहलोत इस नियुक्ति् के साथ ही एआईसीसी के शीर्ष नेताओं में शामिल हो गए हैं। अशोक गहलोत की इस नियुक्ति के कांग्रेस में सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक प्रेक्षकों के मुताबिक अब राजस्थान में सचिन पायलट के लिए फ्री हैंड का रास्ता भले खुल गया है, लेकिन गहलोत का दखल फिर भी रहेगा। 


जयपुर, 28 मार्च। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे और उनकी पूरी सरकार नाकारा एवं निकम्मी साबित हो चुकी है। अब कोई भी नया चेहरा लेकर आयें, तब भी कोई फर्क नहीं पडने वाला है। जनता मानस बना चुकी है, लोगों में भयंकर आक्रोश है। 
पूर्व मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोगों की शिकायत है कि 163 सीटें देने के बाद भी उनका कसूर क्या है? इसके बावजूद मुख्यमंत्री
का जो व्यवहार रहा वो कष्टदायक है। राज्य की भाजपा सरकार पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है।
एक प्रश्न के जवाब में गहलोत ने कहा कि वसुन्धराजी चाहे यात्रा निकालें, किसी भी प्रकार से प्रयास करें, जनता गुमराह होने वाली नहीं है। पिछली यात्रा में भी उन्होंने 15 लाख नौकरियां देने, महिलाओं को संरक्षण, महंगाई को कम करने, किसानों का ध्यान रखने जैसे तमाम वायदे किये थे, जो अभी तक पूरे नहीं हुए। उस वक्त मोदीजी का चेहरा था इसलिए वो कामयाब हो गयी, अब जनता उनकी असलियत समझ चुकी है। चार साल में इन्होंने प्रदेश को बर्बाद कर दिया है। काम करना तो दूर, चार साल में लोगों से मिलना तक उचित नहीं समझा। अगर मिल भी लेते तो जनता का आधा दर्द कम हो जाता। अब किस मुंह से, किस नाम से यात्रा निकालेंगे, ये देखने वाली बात है। 
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच घमण्ड की है। अभी तीन उप चुनाव में भारी वोटों से हारने के बाद भी उनका अहम् अभी तक गया नहीं है और जनता में जब तक उनका ऐसा व्यवहार रहेगा, उतना ही आक्रोश बढता जायेगा। मंत्रियों और विधायकों से कहा गया है कि अपने क्षेत्र में दौरे करो लेकिन वो ऐसा करने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि उन्हें मिलने वाले प्रार्थना पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं होती। उन्होंने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री बीकानेर, भरतपुर, उदयपुर में 15-15 दिन के दौरे पर मंत्रिमण्डल के साथ रही। उस दौरान उन्हें मिले ज्ञापनों पर अब तक क्या कार्यवाही हुई, किसी को पता नहीं। अब वे फिर दौरे पर जा रही हैं, अब जनता का मूड क्या है, उनको पता लग जायेगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री गुलाबचन्द कटारिया तथा बिजली मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह को कोटा और जालौर में कार्यकर्ताओं के गुस्से के कारण मीटिंग छोडकर भागना पडा। 
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आते ही पूर्ववर्ती कांग्रेस द्वारा विभिन्न समाजों को आवंटित की गयी जमीनों को निरस्त कर दिया। अब चुनावों की निकटता को देखते हुए उन्हीं समाजों को वही जमीन फिर से आवंटित कर मुख्यमंत्री क्या संदेश देना चाहती हैं? यह सब समझते हैं। रिफाइनरी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अब रिफाइनरी के लिये 26 प्रतिशत भागीदारी ही क्यों? चार साल पहले यही आरोप लगा था, अब वो ही रिफाइनरी पुनः 26 प्रतिशत की भागीदारी पर लगाई जाने की घोषणा की गई है। इसके शिलान्यास के लिये प्रधानमंत्री को बुलाया गया, हमने विरोध किया तो नाम बदल दिया। प्रधानमंत्री का कोई प्रोग्राम बन जाये, कार्ड छप जाये और फिर कहना पडे कि वे शिलान्यास के लिये नहीं, कार्य शुभारम्भ के लिये आ रहे हैं, समझा जा सकता है कि इससे सरकार की कितनी दुर्गति हुई है, ऐसा देश में पहली बार हुआ है। 
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के युवाओं और अनुभवी नेताओं के तालमेल के उनके संदेश को सुनते ही कांग्रेस का समझदार और प्रतिबद्ध कार्यकर्ता एकजुटता के साथ कार्य करने में जुट गया है। वह समझता है कि वरिष्ठों का अनुभव एवं युवा पीढी की एनर्जी को मिला कर काम करना है। 
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियां, कार्यक्रम और सिद्धान्त बहुत शानदार हैं। कांग्रेस का त्याग और बलिदान का इतिहास है। आजादी के पहले और आजादी के बाद भी कांग्रेस का अपना शानदार इतिहास रहा है। इंदिरा जी, राजीव जी देश की एकता और अखण्डता के लिये शहीद हो गये। बीजेपी ने आजादी के लिये अपनी एक अंगुली भी नहीं कटाई और देश के लिये बडी-बडी बातें करते हैं और कहते हैं कि कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया? 
लोकतंत्र में धरने और प्रदर्शन का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में धरने एवं प्रदर्शन अपनी भावनाओं को प्रकट करने का माध्यम है, उन्हें बल के आधार पर दबाना किसी भी रूप में उचित नहीं है। मुख्यमंत्रीजी चाहे झुन्झुनू में नारे लगाने वाले हों, सीकर में महिलायें रास्ता रोकें, आम जनता या कोई वर्ग टीचर, डाक्टर, इन्जीनियर या फिर कर्मचारी हो, वे बीजेपी के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे तो क्या उन पर लाठीचार्ज करवाओगे? बीजेपी सरकार के आने के बाद अब तक 15 बार लाठीचार्ज हो चुका है। 
गहलोत ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पालयट एवं प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी विधानसभा के अन्दर और बाहर सजग और सक्रिय हैं। संगठनात्मक ढांचा और कमेटियां बनाने का काम चल रहा है। अगर भाजपा भ्रम में है तो वो भ्रम बना रहे, हमें वो सूट करता है।  प्रेस विज्ञप्ति 
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