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शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 69.65 करोड़ की स्वीकृति जारी कर दी है। जयपुर, 10 मई। केंद्र सरकार के सहयोग से जलदाय विभाग ने जैसलमेर जिले की 50 सीमांत चौकियों (बॉर्डर चैक पोस्ट) तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 69.65 करोड़ की स्वीकृति जारी कर दी है। इसके अलावा 28 चौकियों के लिए सर्वेक्षण और बाड़मेर जिले की 18 सीमांत चौकियों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव स्वीकृत कर निविदा प्रक्रियाधीन है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान राज्य के 4 जिले बीकानेर, गंगानगर, जैसलमेर एवं बाडमेर में स्थित कुल 284 सीमान्त चौकियों में से 106 चौकियों को राज्य सरकार द्वारा सतही जल स्त्रोत के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 42 चौकियों को भूजल से लाभान्वित किया हुआ है। शेष 146 चौकियों में वर्तमान में टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिन्हें स्थायी रूप से पेयजल उपलब्ध करवाने की कार्यवाही भी की जा रही है।

जयपुर। फरीदाबाद (हरियाणा) स्थित क्लाउड सर्विस प्रदाता कंपनी ईटूई नेटवर्कस लिमिटेड को एसएमई सेगमेंट में निवेशकों द्वारा अब तक का सर्वाधिक समर्थन प्राप्त हुआ है। कंपनी का इश्यू साइज 22 करोड़ रुपए था जबकि इसे 1545 करोड़ रुपए का अभिदान मिला जो 70 गुना सब्सक्रिप्शन दर्शाता है। एचएनआई हिस्से को 134 गुना एवं खुदरा हिस्से को 13 गुना ओवर सब्सक्रिप्शन मिला। इसके मर्चेंट बैंकर होलानी कंसल्टेंट प्राईवेट लिमिटेड थे। यह उनका पहला एसएमई आईपीओ था। होलानी कंसल्टेंट राजस्थान की द्वितिय मर्चेंट बैंकिंग रजिस्टर्ड कंपनी है जिसने हाल ही में अपना मर्चेंट बैंकिंग लाइसेन्स प्राप्त किया है तथा भविष्य में अनेक सफ लतम ईशु लाने के लिए वे प्रयासरत हैं। कंपनी को एसएमई सैगमेंट में निवेशकों का भारी समर्थन प्राप्त हुआ है, जिसे कि अब तक के कुछ चुनिंदा ईशु में गिना जा सकता है, जिन्होंने इतना श्रेष्ठतम समर्थन प्राप्त किया है। कंपनी का ईशू 3 मई को खुलकर 7 मई को बंद हुआ। इस समस्त ईशु का प्रबंधन होलानी कंसल्टेंट प्राईवेट लिमिटेड ने ही किया है।





जयपुर/बीकानेर। सप्त शक्ति कमान के युद्धाभ्यास ‘विजय प्रहार’ में 25000 सैनिकों ने अपने पूरे हथियारों एवं साज़ो-सामान के साथ युद्ध के अंतिम चरण में हिस्सा लिया।  यह युद्ध अभ्यास राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहा है। अंतिम चरण में लेफ्टिनेन्ट जनरल चेरिश मैथसन, जनरल आॅफिसर कमाण्डिंग-इन-चीफ, सप्त शक्ति कमान ने इस अभ्यास का अवलोकन और सैनिकों की सराहना की। 
जनरल आॅफिसर ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मैंने इस युद्ध अभ्यास के लिए विभिन्न प्रकार के कठिन मापदण्ड तय किए थे और अपने सैनिकों द्वारा हासिल किए गए नतीजों से पूरी तरह संतुष्ट हूॅं।  उन्होंने आगे कहा युद्धाभ्यास विजय प्रहार का प्रारंभ एक आक्रामक रणनीति के तहत् वायु एवं पृथ्वी में समन्वित युद्ध के तौर पर पूरी खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करते हुए हुआ था।  इस अभ्यास में एयर कैवेलरी रणनीति का पूरी तरह से इस्तेमाल किया गया और उसे सफल पाया गया है साथ ही सभी सैनिक परमाणु दूषित वातावरण में किसी भी प्रकार की आक्रामक कार्यवाही करने के लिए अब पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं।
रसद पहुॅंचाने की जस्ट इन टाइम तकनीक का इस्तेमाल करते हुए हमारी सेना अब दश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर मार कर सकने में सक्षम है।  इस युद्ध अभ्यास में वायुसेना के साथ भी बेहतर किस्म का समन्वय स्थापित हुआ। जनरल चेरिश मैथसन ने भीषण गर्मी एवं आंधी के वातावरण में जवानों द्वारा पूरी वीरता एवं निष्ठा से किए गए इस युद्ध अभ्यास की सराहना की।


मिशन केसरिया के तहत युवाओं ने किया आयोजन 
जयपुर। प्रातः स्मरणीय राष्ट्र गौरव क्रांति सूर्य क्षत्रिय महाराणा प्रताप सिंह जी की 478 वी जयंती समारोह प्रदेशभर में आयोजित किया गया। वहीँ, ‘‘मिशन केसरिया’’  के तत्वाधान में गोविन्दपुरी, स्वेज फार्म सोडाला, जयपुर में भी प्रातः स्मरणीय राष्ट्र गौरव क्रांति सूर्य क्षत्रिय महाराणा प्रताप सिंह जी की 478 वी जयंती समारोह मनाया गया । जिसमें सर्वप्रथम शक्ति स्वरूप मां भगवती की पूजा व महाराणा प्रताप की जीवनी व गुणो का गुण गान हुआ । तत्पश्चात राहगीरों को मीठा शीतल (शर्बत) जल पिलाया गया । जिसमें भगवान सिंह राठौड़, जितेन्द्र सिंह, कुलदीप सिंह, रविन्द्र सिंह , भूपेन्द्र सिंह, विनोद सैनी, सूर्यदीप सिंह, पुखराज सिंह, योगेन्द्र सिंह इत्यादि के साथ साथ सभी समाज के लोगों ने मिलकर एक सुर में कहा ‘‘ हल्दीघाटी में समर लड़यो, वो चेतक रो असवार कठे , वो महाराणा प्रताप कठे ’’ जय महाराणा। 



द पैलेस स्कूल के विद्यार्थियों की फ्रांस यात्रा के दौरान
जयपुर, 8 मई: जयपुर के द पैलेस स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों का 14 सदस्यीय दल, फ्रांस के सौमुर शहर में स्थित हाई स्कूल सेंट लुइस के साथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत 11 दिन के लिए वहाँ गया। सेंट लुइस स्कूल, जो कि पैलेस स्कूल का फ्रांस में आधिकारिक पार्टनर है, ने भारतीय दल को अंतर्राष्ट्रीय सप्ताह का हिस्सा बनने के लिए निमंत्रित किया था जिसमे भारत के अलावा पोलैंड, चेक रिपब्लिक, स्लोवेकिआ और फ्रांस के 6 विद्यालयों के लगभग 76 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने हिस्सा लिया और अपने विद्यालय व देश का प्रतिनिधित्व किया। प्रिंसिपल उर्वशी वर्मन एवं फ्रेंच टीचर पंकज खंडेलवाल के नेतृत्व में गए इस दल द्वारा विद्यालय एवं प्रदेश के ऊपर दी गयी प्रेजेंटेशन को बहुत सराहा गया। इस दौरान दल के सदस्य फ्रेंच परिवारों के साथ ठहरे तथा फ्रांस की शिक्षा पद्धति, रहन सहन और संस्कृति के बारे में अध्ययन किया। साथ ही साथ इस दल ने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं को भी फ्रेंच विद्यार्थियों के साथ साझा किया। दल के सदस्यों ने स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामने घूमर प्रस्तुत किया और देखते ही देखते फ्रेंच विद्यार्थी एवं अन्य देशों से आये दल भारतीय विद्यार्थियों के साथ घूमर की धुन पर झूम उठे। अन्य देशों से आये दल एवं फ्रेंच लोगों के लिए रंग बिरंगे पारम्परिक परिधानों में बॉलीवुड म्यूजिक पर थिरकना एक नया अनुभव था जिसके लिए उन्होंने भारतीय दल का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। 
सेंट लुइस विद्यालय के निदेशक थिएरी बूजेर ने भारतीय दल का स्वागत हिंदी भाषा में किया जो कि भारतीय दल के लिए एक बेहद चैंका देने वाला लेकिन सुखद अनुभव था। इस यात्रा के आखिरी तीन दिन विद्यार्थियों ने पेरिस में बिताये जहाँ उन्होंने एफेल टावर के साथ साथ पेरिस के सभी प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया। इस एक्सचेंज की अगली कड़ी में फ्रेंच स्टूडेंट्स का भी एक दल भारत आकर यहाँ के विद्यार्थी परिवारों के साथ रहेगा और भविष्य में दोनों संस्थानों के शिक्षकों के लिए भी ट्रेनिंग एवं एक्सचेंज प्रोग्राम्स का आयोजन किया जायेगा।

जयपुर, 7 मई। पांच दिवसीय ‘यंग डायरेक्टर्स थिएटर फेस्टिवल‘ के अंतिम दिन आज जवाहर कला केन्द्र (जेकेके)  के रंगायन में ‘मूमल-महेन्द्र‘ (एक प्रेम कथा) की अमर लोक कथा का मंचन हुआ। प्रीति दुबे के निर्देशन में आयोजित यह नाटक जेकेके द्वारा तैयार करवाया गया है।
एक लोककथा ‘मूमल-महेन्द्र‘ पर आधारित इस नाटक में महेन्द्र अमरकोट का राजकुमार है। एक दिन शिकार का पीछा करते हुए वह अपने जिजोसा हमीर के साथ जैसलमेर के लोदर्वा पहुंच जाता है। यहां महेन्द्र की मुलाकात मूमल से होती है और दोनों को प्रेम हो जाता है। 
नाटक आगे बढ़ता है और महेन्द्र मूमल से वादा करता है कि वह उससे फिर मिलेगा। महेन्द्र प्रत्येक रात के प्रथम प्रहर में अपने ऊंट चिखल पर सवार हो कर मूमल से मिलने लोदर्वा आता है और रात के अंतिम प्रहर में अमरकोट लौट जाता है। नाटक में दिखाया गया कि मूमल महेन्द्र को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और कैसे उनका प्रेम अमर हो गया।
नाटक में गरिमा शर्मा ने मूमल, रूपेश सिंह चौहान ने महेन्द्र, सौरभ आनंद सोनी ने हमीर का किरदार अदा किया। नाटक में संगीत निर्देशन तपेश आर. पवार द्वारा किया गया।  इसी प्रकार दिव्या अरोडा और राकेश शर्मा ने आर्ट वर्क, अदिति दीक्षित ने वस्त्र विन्यास की जिम्मेदारी निभाई। प्रकाश व्यवस्था साहिल आहूजा, स्वपनिल जैन एवं प्रीति दुबे द्वारा किया गया।

जयपुर, 7 मई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने कहा कि कोटा जिले की हरिपुरा मांझी पेयजल परियोजना पर राज्य सरकार 300 करोड़ रूपए खर्च कर क्षेत्र की जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि इसे परवन योजना की तरह अलग से स्वतंत्र योजना के रूप में विकसित किया जाएगा।
गोयल सोमवार को शासन सचिवालय परिसर में विभागीय अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में चर्चा कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र की कछावन पेयजल परियोजनाओं से संबंधित घोषणाओं की क्रियान्विति के बारे में भी निर्देश दिए।   
उन्होंने बताया कि कोटा जिले में काली सिंध नदी पर स्थित हरिपुरा मांझी एनीकट से सांगोद विधानसभा क्षेत्र के 102 गांव एवं 20 मजरे, पीपलदा क्षेत्र के 44 गांव व 06 मजरे एवं लाड़पुरा क्षेत्र के 61 गांव एवं 26 मजरे इस प्रकार कुल 207 गांव एवं 52 मजरों को लाभान्वित किए जाएंगे, जिसकी अनुमानित लागत 297.48 करोड़ रूपए होगी। 
गोयल ने बताया कि इसी तरह बारां जिले के छबड़ा तहसील के कछावन गांव में पार्वती नदी  पर एनीकट का निर्माण कर छबड़ा के 16 गांव एवं 03 मजरों को लाभान्वित करने के 56.19 करोड़ रूपए की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर ली गई है। बैठक में प्रमुख शासन सचिव रजत कुमार मिश्र, संयुक्त शासन सचिव अनिल गुप्ता, मुख्य अभियंता डीएम जैन और अतिरिक्त मुख्य अभियंता हुकुमचंद वर्मा सहित कई अधिकारीगण उपस्थित रहे।    

जयपुर 07 मई। एसीएस यूडीएच पवन कुमार गोयल ने जयपुर मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन के नए सीएमडी का अतिरिक्त पद्भार ग्रहण किया। मेट्रो परिसर में पहुंचने पर जयपुर मेट्रो के पूर्ण-कालिक निदेशक राजेश कुमार अग्रवाल व डाॅ बृज भूषण शर्मा ने पुष्पों का गुलदस्ता भेट कर उनका स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के पश्चात् मेट्रो के सभागार में पहुंच कर मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए गोयल ने जयपुर मेट्रो के सभी चारों पूर्ण कालिक निदेशकगण तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय किया। परिचय के पश्चात् जयपुर मेट्रो की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली की जानकारी प्रजेंटेशन के माध्यम से प्राप्त की। मेट्रो के संगठनात्मक ढ़ाचे तथा महत्वपूर्ण मुद्दो की जानकारी करते हुए मेट्रो के आगामी कार्यक्रमों की रुपरेखा बनायी। मीटिंग के अन्त में गोयल ने सभी अधिकारियो का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मेट्रो के प्रगति एवं आगामी परियोजनाओं पर पुरजोर कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

जयपुर। राजस्थान नाम आते ही रेगिस्ताान की तस्वीर सामने आती है,ऐसे में जल संकट से जूझते राजस्थानवासियों की चिंता की लकीरे गर्मीयों में ओर बढ जाती है। भूजल विभाग की ओर से हाल ही में जारी आंकड़ों ने चिंता और बढ़ा दी है। दरअसल प्रदेश में कुल 248 भूजल ब्लॉक है। इसमें 66% यानी 164 ब्लॉक डार्क जोन में है। 33 जिलों में फैले इस प्रदेश में 26 जिले डार्क जोन में हैं, जिनमें से एकमात्र अलवर जिला ऐसा है,जिसके सभी 14 ब्लॉक्स डार्क जोन में शामिल है। राजधानी जयपुर की बात करे तो उसकी स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है। जयपुर के 13 ब्लॉक्स में से 12 डार्क जोन में है। 
गर्मीयों में होता ​है विशेष संकट
राजधानी में कुछेक इलाकों को छोड दिया जाए तो बाहरी अधिकांश क्षेत्र निजी ट्यूबवेल संचालकों की सप्लाई पर निर्भर है। जिसमें जेडीए अप्रुव्ड कॉलोनियों में भी निजी पानी सप्लाई होता है। लंबे समय से इन कॉलोनियों के निवासी जलभवन पर प्रदर्शन कर रहे है,लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है। जयपुर में करीब 2500 बोरिंग है,जिनसे कॉलोनियों में पानी सप्लाई कर मोटा पैसा निजी ठेकेदार वसूल रहे है। जलदाय विभाग की ओर से ऐसे ठेकेदारों पर कोई अंकुश भी नहीं है। यहीं नहीं टेंकर संचालक भी आमतौर पर 200 से 250 में बिकने वाले टैंकरों की दरे 500 से 700 रूपए कर देते है। 

ब्राह्मणों को संस्कारों के बल पर आगे बढना चाहिए  
आर्थिक आधार पर ब्राह्मण आरक्षण की मांग पर फिर मुखर हुआ ब्राह्मण
जयपुर 6 मई। ब्राह्मणों को अपने संस्कारों को प्रबल करते हुए समाज को दिशा एवं मार्गदर्शन देना चाहिए। ब्राह्मण समाज ने सदैव परहित में कार्य किया है। ब्राह्मण बच्चों को संस्कारित कर भगवान परशुराम जी की तरह जितेन्द्रिय बनना चाहिए। ये विचार आज भगवान परशुराम जयंती समारोह के समापन के अवसर पर सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित ‘‘ ब्राह्मण रत्न ’’ सम्मान समारोह में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. बी.डी. कल्ला ने कहे। इस अवसर पर समारोह के अध्यक्षता करते हुये सर्व ब्राह्मण महासभा के राश्ट्रीय अध्यक्ष पण्डित सुरेश मिश्रा ने कहा कि ब्राह्यण सर्वहित की बात करता है और सर्वजन सुखाय की भावना से समाज को एक राह दिखाता है। लेकिन अब ब्राह्यणों को भी आगे बढने का अवसर मिलना चाहिए और जब ब्राह्यण आगे बढेगा तो देश में सामाजिक समरसता बढेगी और अग्रणी भूमिका निभाने वाला ब्राह्यण आज पिछड रहा है। उसे भी आगे बढने का अवसर मिलना चाहिए। मिश्रा ने 14 प्रतिशत आरक्षण ब्राह्यणों को मिले इसके लिये दबाव बनाने की बात कही तथा सभी ब्राह्यणों में एक स्वर में मिश्रा के साथ संघर्ष का ऐलान किया। 
विशिष्ठ अतिथि सांसद रामचरण बोहरा ने इस अवसर पर कहा कि वे समाज का एक हिस्सा है जहां भी समाज को आवश्यकता होगी वे साथ रहेंगें। साथ ही उन्होने ने कहा कि सर्व ब्राह्मण महासभा और अन्य सामाजिक संगठनों को सामाजिक रूप से संगठित होकर समाज को एकजूट करना चाहिए और लोकतंत्र में अपनी ताकत दिखानी चाहिए। 
उपमहापौर मनोज भारद्वाज ने सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा किए जा रहे कार्यो की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा कहा कि सभी ब्राह्मण संगठनों को रचनात्मक कार्यो की तरफ बढना चाहिए। परशुराम यात्रा के संचालक आचार्य राजेश्वर ने कहा कि ब्राह्यण को अब हर क्षेत्र में आगे बढना चाहिए परशुराम  के विशय में अज्ञानता वश कई विभेद पडे है उन्हे दुर करना चाहिए। इसके लिये एक लाख ग्यारह हजार किलोमीटर की यात्रा कर युवाओं को प्रेरणा देने का प्रयास किया जा रहा है।  इस अवसर पर गोविन्द पारीक डिप्टी डायरेक्टर डीपीआर ने ब्राह्यण और सर्व समाज विषय पर अपने विचार प्रकट किए। सर्व ब्राह्यण महासभा की प्रदेशाध्यक्ष सविता शर्मा, जयपुर संभाग अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के प्रारम्भ में संस्था के पदाधिकारियों बाबूलाल शर्मा, दिनेश शर्मा ने अतिथीयों का माल्यापर्ण कर स्वागत किया। अन्त में जयपुर शहर अध्यक्ष अनिल सारस्वत ने अतिथीयों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

इनका हुआ सम्मान
इस अवसर पर पुरण कुमार झा-भारतीय पुलिस सेवा, प्रोफेसर के.बी. शर्मा-शिक्षा, रविन्द्रनाथ शर्मा- विधिक सेवा, डाॅ. विनय भारद्वाज- वैज्ञानिक सेवा,लोकेश कुमार शर्मा-राज्य प्रशासनिक सेवा, राजेश पारीक- राजकीय सेवा, डाॅ. अनिल दूबे-चिकित्सा,सुनिल कुमार शर्मा-समाज सेवा, विष्णु शर्मा-पत्रकारिता, दीपक कुमार शर्मा-राज्य पुलिस सेवा, पुष्पेश शर्मा-पत्रकारिता, आनन्द पारीक-चार्टेड अकाउटेंट, डाॅ. माताप्रसाद शर्मा-संस्कृत शिक्षा, अनिल शर्मा-राजनीतिक पत्रकारिता, मुकेष शर्मा-समाज सेवा, सुश्री सीमा शर्मा-राज्य प्रशासनिक सेवा, आशीष मेहता-पत्रकारिता, महेश दाधीच-पत्रकारिता, एडवोकेट आलोक शर्मा-विधिक सेवा, शरद पुरोहित- पत्रकारिता, पवन खाण्डल-समाज सेवा, संजय कौशिक-पत्रकारिता, अनुराग त्रिवेदी-पत्रकारिता, ऋषिराज जोशी -पत्रकारिता, हिमांशु शर्मा-राज्य पुलिस सेवा, महेश शर्मा-पत्रकारिता, श्रीमती अंजना शर्मा-शिक्षा, चेतन्य कुमार शर्मा-पत्रकारिता, श्रीमती भारती गौड-साहित्य, श्रीमती राखी शुक्ला-पत्रकारिता, चन्द्रशेखर पारीक-इलैक्ट्रोनिक मीडिया, चींटू पाठक-फोटोग्राफर, डाॅ. नीलकमल पुरोहित-शिक्षा, चेतन गोस्वामी-लेखन, श्रीमती ज्योति गौतम- शिक्षा, डाॅ. राजकुमार शर्मा-ज्योतिष, डाॅ. सौरभ शर्मा-योग सेवा, हरिहर शर्मा-खेल, डाॅ. हेमंत शर्मा-चिकित्सा, दिलीप कुमार शर्मा-शिक्षा, संजय शर्मा-समाज सेवा, आलोक शर्मा-विदेश सेवा को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र व दुपट्टा देकर सम्मानित किया गया।

जयपुर, 4 मई। राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत प्रदेश में परिवार नियोजन के स्थायी साधनों को अपनाने में पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरूष नसबंदी दिवस आयोजित किया जायेगा। 
स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नवीन जैन ने बताया कि सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को नियत दिवस नसंबदी सेवा कार्ययोजना के तहत प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरूषबंदीवार दिवस आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जिले में उपलब्ध एनएसवी प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं की टीम की संख्या के अनुरूप कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये गये हैं। जिन जिलों में एनएसवी प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं की कमी है। उन्हें राज्य स्तर पर एनएसवी प्रशिक्षण हेतु नामांकन भेजने हेतु निर्देशित किया है।
जैन ने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक ब्लाॅक मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तीसरे बुधवार से कम से कम 10 दिन पहले तैयारी बैठक आयोजित कर प्रभावी रणनीति बनायी जायेगी। आमजन में पुरूषबंदीवार दिवस के प्रभावी प्रचार-प्रसार गतिविधियां भी आयोजित की जायेगी। उन्होंने इस कार्यक्रम में जिला स्तर, ब्लाॅक स्तर, प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी, एलएचवी, एएनएम ब्लाॅक/पीएचसी आशा सुपरवाईजर एवं आशा सहयोगिनियों द्वारा एक टीम के रूप में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। 
मिशन निदेशक ने बताया कि कार्यक्रम की प्रभावी माॅनिटरिंग हेतु संभागवार राज्य स्तर की टीमें गठित कर दी गयी है। जिला एवं ब्लाॅक स्तर पर भी पुरूषबंदीवार दिवस की सघन माॅनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। 

बाड़मेर में नवीन इंजीनियरिंग काॅलेज खोले जाने को एआईसीटीई से मिली अनुमति
जयपुर, 04 मई। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी और राज्य सरकारों के अथक प्रयासों से अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने बाड़मेर में नवीन राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय खोलने की अनुमति प्रदान कर दी है। गौरतलब है कि इस महाविद्यालय में पेट्रोलियम ब्रांच भी शुरू की जाएगी, जो कि देश की चुनींदा काॅलेजों में ही मिल पाती हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि पेट्रोलियम ब्रांच आज के समय की मांग है और इस समय पेट्रोलियम ब्रांच आईआईटी धनबाद, आईआईटी बाॅम्बे, आईआईटी मद्रास, यूपीईएस देहरादून, पीडीपीयू (गांधीनगर), एलपीयू, जालंधर जैसे संस्थानों में चल रही है। राज्य सरकारों के प्रयासों से बाड़मेर में ओएनजीसी की सहायता से रिफाइनरी का काम प्रारंभ हो चुका है। ऐसे में बाड़मेर में पेट्रोलियम ब्रांच खोले जाने से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि युवाओं को दक्षता हासिल होगी।
उन्होंने बताया कि बाड़मेर अभियांत्रिकी महाविद्यालय के लिए जमीन का आवंटन कर दिया गया है और भवन निर्माण के लिए 26 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए गए हैं। इसमें 13 करोड़ रुपए राज्य सरकार के स्तर पर एवं 13 करोड़ रुपए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। शीघ्र ही भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। अगले सत्र से अभियांत्रिकी महाविद्यालय शुरू करने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी गई है। 

चुरु जिले के भोरूग्राम की धूलभरी गलियों में पले-बढ़े परमवीर सिंह अब उदयपुर के जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के जीवन में बदलाव ला रहे हैं। 24 वर्षीय यह युवक आदिवासियों के उत्थान के माध्यम से सामाजिक कल्याण करने के लिए तत्पर है। सरकारी नौकरी प्राप्त करने या फिर महानगरों की ओर रूख करने वाले अपने साथियों के विपरीत परमवीर सिंह में सामाजिक कल्याण के प्रति गहरा जुनून है। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, जयपुर से रूरल मैनेजमेंट में एमबीए कर रहे परमवीर सिंह वर्तमान में भोरूग्राम के अनेक युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत बन चुके हैं।
भोरूग्राम से स्नातक की डिग्री पूरी करने के बाद परमवीर के पास अपने पिता के फैमिली बिजनेस से जुड़ने का विकल्प भी मौजूद था। परमवीर जनजातीय लोगों के कल्याण के लिए कार्य करना चाहते थे, जबकि उनके अधिकांश साथियों की पसंद सरकारी नौकरी थी। परमवीर कहते हैं ‘सामाजिक सेवा में दिलचस्पी होने के बावजूद मुझे यह पता नहीं था कि इसके लिए कैसे और कहां से शुरुआत करनी है। ऐसे में मुझे आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी और इसके रूरल मैनेजमेंट कोर्स के बारे में जानकारी मिली।
ग्रेजुएशन के बाद परमवीर ने आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, जयपुर में रूरल मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में एडमिशन लिया। वे कहते हैं ‘यूनिवर्सिटी के इस कोर्स के माध्यम से उन्हें फाइनेंशियल इन्क्लूजन, रूरल हैल्थ और लाइवलीहुड जैसे विषयों के बारे में गहराई से जानने का अवसर मिला। यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान किए जाने वाले ऑफ-कैम्पस लर्निंग ने उन्हें फील्ड वर्क एवं संगठनात्मक कौशल में जमीनी स्तर पर काम करने योग्य बनाया।‘
इस कोर्स के तत्काल पश्चात् उदयपुर के एक एनजीओ द्वारा परमवीर का चयन किया गया। इस एनजीओ द्वारा उदयपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के कल्याण एवं एनवायरमेंटल संस्टेनेबिलिटी के  कार्य किये जाते हैं। परमवीर कहते हैं ‘दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता काफी हद तक आजीविका की संभावनाओं पर निर्भर होती है। हम जनजातीय लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग करने के अतिरिक्त महिला सशक्तिकरण एवं बाल संरक्षण की क्षमता निर्माण के लिए शिक्षित करने का प्रयास करते हैं। परमवीर के पिता राजस्थान के चुरु जिले में स्थित भोरूग्राम में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं।
परमवीर यहां स्थानीय लोगों के लिए कृषि, वानिकी, हैल्थकेयर, वाटर हार्वेस्टिंग तथा प्राकृतिक संसाधनों के पुनरोद्धार एवं प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल होते हैं। इसके अतिरिक्त ऐसी महिलाएं एवं लड़कियां जिनकी आधारभूत शिक्षा तक पहुंच नहीं है, के लिए चलाए जाने वाले एजुकेशन सेंटर्स में सहायता करते हैं।
जब परमवीर से पूछा गया कि वे रूरल मैनेजमेंट के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के प्रति इतने उत्सुक क्यों हैं, तो परमवीर ने बताया कि ‘जब हम गरीबों और सुविधाओं से वंचित लोगों के लिए कार्य करते हैं तो हमारे द्वारा प्राप्त पुरस्कारों की तुलना में आत्मसंतुष्टि और अधिक मूल्यवान हो जाती है। लोगों की सेवा करने से जरूरतमंद लोगों के कल्याण पर तत्काल एवं गहरा असर पड़ता है। इससे आप लोगों को अधिक मजबूत एवं आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करते हैं।  

आरपीएससी और मंत्रालयिक चयन बोर्ड की भर्तियों में सभी वर्गों के अभ्यार्थियों के लिए आवेदन शुल्क बराबर
जयपुर। राज्य सरकार ने चुनावी साल में प्रदेश के बेरोजगार अभ्यार्थियों को बडी सौगात दी है। अब राजस्थान लोग सेवा आयोग और मंत्रालयिक चयन बोर्ड की भर्तीयों में आर्थिक रूप से कमजोर अभर्थियों को आवेदन शुल्क में बडी राहत दी है।
कार्मिक विभाग के अनुसार अभ्यार्थियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ऐसे  सभी वर्गों के अभ्यार्थी जिनकी वार्षिक आय ढाई लाख रुपए से कम हैं उनको आवेदन शुल्क में एसटी एससी वर्ग के अभ्यर्थियों की तरह छूट दे दी गई है।
असल में मंत्रालयिक चयन बोर्ड और आरपीएससी की भर्तियों के लिए समान्य व अन्य वर्गों से भारी भरकम आवेदन शुल्क लिया जा रहा था। इसे लेकर अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से राहत देने की मांग की थी और सरकार ने इसे तत्काल मान लिया। 

युद्ध अभ्यास - विजय प्रहार
जयपुर। गुलाबी नगरी स्थित दक्षिण पश्चिमी कमान के फाॅर्मेशनों द्वारा युद्धाभ्यास - विजय प्रहार का सफल संचालन किया जा रहा है जिसमें लगभग 20000 से अधिक सैनिक पूरे जोष के साथ सूरतगढ़ के नज़दीक महाजन रेंज में चल रहे युद्धाभ्यास में भाग ले रहे हैं। इस युद्धाभ्यास में अत्याधुनिक बहुउद्देशीय हथियारों का प्रयोग किया जा रहा है।  यह युद्धाभ्यास पश्चिमी सीमान्त क्षेत्र में समग्र आक्रमण के एक छोटे से हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाला अभ्यास है।  जिसमें वायु-जमीनी संयुक्त आॅपरेशन में सैकड़ों लड़ाकू विमान, हजारों टैंक व तोपों के साथ वास्तविक खुफिया सूचनाऐं,चौकसी व गहन सर्वेक्षण का संयोजन स्थापित किया जा रहा है और समय-समय पर रसद समर्थन होगा।
महीने भर का अभ्यास अनिवार्य रूप से एक परमाणु छतरी के नीचे, हमारे विरोधी के दिल के करीब पंजाब क्षेत्र में बाधाग्रस्त इलाके में छेदक पैंतरेबाजी करने वाले युद्धाभ्यास में सैनिकों का अभ्यास करना है।
इस युद्धाभ्यास के दौरान दक्षिण पश्चिमी कमान के फार्मेशनों द्वारा नेटवर्क केंद्रित वातावरण में आज के अत्याधुनिक हथियारों के साथ समग्र संवेदनशील उपकरणों के प्रयोग, एयर केवलरी भूमिका के तहत् लड़ाकू हेलीकाॅप्टर की तैनाती व विषेष दस्तों द्वारा आक्रमणकारी नीति का अभ्यास किया जा रहा है।  इस अभ्यास के दौरान फाॅर्मेशनों द्वारा परमाणु युद्ध के हालातों का सामना करने के लिए अपनाई जाने वाली नीतियों व अभ्यास को बेहतर बनाया जायेगा।
सप्ताह के अंतिम चरण में उच्च सैन्य अधिकारियों जिसमें जनरल बिपिन रावत, थल सेना अध्यक्ष व लेफ्टिनेन्ट जनरल चेरिश मैथसन, आर्मी कमांडर दक्षिण पश्चिमी कमान के उपस्थित होने की संभावना है।

जयपुर, 28 अप्रेल। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने कहा है कि निजी स्कूलों में फीस वृद्धि में मनमानी को लेकर अभिभावक परेशान हैं, सड़कों पर उतर आये हैं, 20 से 50 प्रतिशत तक की फीस में वृद्धि ने सरकार की नाकामी को पूरी तरह उजागर कर दिया है। सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। अभिभावकों को मजबूर होकर उच्च न्यायालय की शरण में जाना पडा है। 
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि फीस नियंत्रण में राज्य सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। महंगाई सूचकांक के आधार पर विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए औचित्यपूर्ण फीस निर्धारित करनी चाहिये।  निजी स्कूलों की मनमानी के चलते अप्रत्याशित वृद्धि के खिलाफ राज्य सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिये। स्कूलों में अब भी कापी-किताबें, बस्ते, ड्रेस, जूते आदि स्कूल से या उनके द्वारा निर्धारित दुकानों से ही खरीदने पड़ते हैं, जिनकी कीमतें सामान्य दरों से कहीं ज्यादा होती है। 
गहलोत ने कहा सरकार या तो खुद किताबें छपवाये या अधिकतम मूल्य निर्धारित करे। बस्ते और ड्रेस आदि की दरें भी खुले बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक दरों के अनुसार तय की जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि के विरोध में शिकायत करने वाले अभिभावकों की राज्य सरकार में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार जानबूझकर उदासीन बनी हुई है और निजी स्कूलों को लूट की खुली छूट दे दी है, जबकि निजी स्कूलों द्वारा कानून का पालन कराना उनकी जिम्मेदारी है। 
कानून के अनुसार सरकार ने विद्यालय स्तरीय फीस निर्धारण समिति का गठन किया है, जिसमें अभिभावक व अध्यापक संगम मिलकर फीस का निर्धारण करते हैं। इसके निर्णय के विरूद्ध सम्भागीय आयुक्त को अपील करने का अधिकार भी दिया गया है। उसके पश्चात् राज्य सरकार को शिकायत करने का प्रावधान किया गया है। आश्चर्य इस बात का है कि खुद सरकार इस कानून को लागू नहीं करवा पा रही है। 

लगातार 100 दिन दौड़ने का है चेलेंज
28 अप्रैल से 5 अगस्त तक लगातार दौड़ेंगे जयपुर रनर्स
जयपुर। रनर्स क्लब के मेम्बेर्स ने शनिवार को अपना 100 दिन लगातार दौड़ने का चेलेंज शुरू किया। ये चेलेंज पूरे इंडिया में चल रहा है। अलग अलग शहर में विभिन्न रनिंग ग्रुप्स इस चेलेंज का हिस्सा बन रहे है। 28 अप्रैल से शुरू हुआ ये चेलेंज 5 अगस्त तक चलने वाला है। उद्घाटन रन के मौके पर जयपुर रनर्स क्लब द्वारा एक पोस्ट रन गेट टूगेदर आयोजित किया। जयपुर रनर्स क्लब के डायरेक्टर मुकेश मिश्रा ने इस मौके पे बताया कि यह रंनिंग चेलेंज पूरे भारत में हजारों की संख्या रनर्स द्वारा लिया जाता है। इसमें हर दिन कम से कम 2 किमी दौड़ना होता है।
 मैक्सिमम अपनी लिमिट के हिसाब से तय कर सकते है। रन पूरा करने के बाद अपना टाइम और किमी ऑनलाइन एक पोर्टल पर अपडेट करना होता है। जयपुर रंनर क्लब के मेम्बर नितिन गुप्ता जिन्होंने ये चेलेंज पिछले साल भी पूरा किया था उनका कहना है रनिंग से उनकी लाइफ में बहुत अच्छे बदलाव आये है और इस तरह चेलेंज में भाग लेने से लाइफ डीसीप्लेन हो जाती है। जयपुर रनर क्लब के मेम्बर गणेशा जो कि एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम करते है उनका कहना है पहले दिन मैंने 24 किमी से इसकी शुरुआत की। बेहतर और फिट भविष्य के लिए इस तरह के चेलेंज में भाग लेना चाहिए। इस मौके पर एयू बैंक से मनोज टिबरेवाल, जयपुर रनर्स क्लब के निदेशक रवि गोयनका,डॉ साधना आर्या, राजेश चौधरी,धर्मेश और काफी संख्या में जयपुर रनर्स क्लब के मेम्बेर्स मौजूद रहे। रन के बाद रनर और फिटनेस एक्सपर्ट मोहनीश ने रंनर्स को एकसरसाइज करायी। 

हृदय रोग विशेषज्ञों ने की कई जटिल एवं रिस्की री-डू सर्जरी
जयपुर। देखा जा रहा हैं कि, ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही हैं जिन्हें हृदय संबंधि समस्याओं के साथ-साथ अन्य कई तरह की परेशानियां है। ऐसे मरीज भी काफी है जिनकी हार्ट सर्जरी पहले हो चुकी हैं और उन्हे री-डू सर्जरी (फिर से सर्जरी) की जरूरत पड़ रही है। ऐसे सर्जरी में काफी रिस्क की संभावना रहती है और यह चुनौतिपूर्ण एवं जोखिम भरा होता है। ऐसे में उपचार में एक्सपर्टस की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है और हाई रिस्क की श्रेणी के मरीजों की सफल पुन: सर्जरी करना अपने आप में एक उपलब्धि है। ऐसी ही उपलब्धि नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल,जयपुर के कार्डियक सर्जरी टीम ने प्राप्त की है।

राकेश (बदला नाम), निवासी - अलवर
उम्र - 65 वर्ष 
पिछले सात वर्ष में दो बार एंजियोप्लास्टी और एक बाईपास सर्जरी से गुजर चुके हैं। हृदय में फिर से मल्टीपल ब्लॉकेज बन गए, जिसके लिए पुनरू सर्जरी की आवश्यकता थी। नारायणा हॉस्पीटल में री-डू बाईपास सर्जरी सफल रही और ब्लॉकेज ठीक कर दिए गए। 

बिहारी लाल (बदला हुआ नाम), सीकर
उम्र- 61 वर्ष
दो बार वॉल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी हो चुकी थी, तीसरी बार फिर से सर्जरी की आवश्यकता पड़ी। वॉल्व में टिश्यू के बढने से वॉल्व बाधित हो रहा था जिससे सांस लेने में तकलीफ एवं हांफनी आ रही थी। वॉल्व रिप्लेसमेंट की री-डू सर्जरी के बाद अब परेशानी से निजात मिल चुका है। 

लखानी लाल (बदला हुआ नाम), भरतपुर
उम्र- 90 वर्ष
इन्हें पूर्व में हार्ट अटैक आ चुका था और अब बार-बार छाती मे दर्द की परेशानी रहती थी। दवाईयों का भी काई असर नहीं हो रहा था। इसलिए इनके परिजन चाहते थे की इनकी बाईपास सर्जरी हो जायें ताकि राहत मिल सके। नारायणा हॉस्पिटल की टीम ने सभी रिस्क को मैनेज करते हुए सफल बाईपास सर्जरी कर, इन्हें नई जिन्दगी दी। 
इन सभी मामलों में समानता यह हैं कि पूर्व में मरीज किसी अन्य अस्पताल में कार्डियक सर्जरी या उपचार करा चुके थे। 

विशिष्ट हार्ट सेन्टर का ही करें चुनाव-
नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के कार्डियक सर्जरी के एच.ओ.डी एवं चीफ कार्डियक सर्जन डॉ. सी.पी. श्रीवास्तव ने बाताया कि “इस तरह की उच्च जोखिम वाली सर्जरी करने के लिए जरूरी हैं प्रत्येक जटिलताओं से निपटने का आंकलन करने वाली टीम। एक्स्पर्ट विशेषज्ञ सभी हाई रिस्क फैक्टर्स को अत्याधुनिक तकनीक एवं अपने अनुभव के साथ हैण्डल कर सकते हैं जो छोटे सेन्टर्स पर उपलब्ध नहीं होता। हमारी यह सलाह हैं की सही निदान एवं सुरक्षित ईलाज के लिए मरीज सिर्फ विशिष्ट एवं अनुभवी हार्ट सेन्टर्स का ही चुनाव करें”। सर्जन को ऑपरेशन टेबल पर कई चुनौतियों एवं जटिलताओं का सामना करना पड़ता हैं, ऐसे में सही निर्णय लेने के लिए काफी अनुभव एवं दक्ष कार्डियक सर्जन होना जरूरी है।

जटिल सर्जरी में हैं अनुभव महत्वपूर्ण-
नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. अंकित माथुर ने कहा कि “हार्ट के ऐसे मरीज जिनकी पहले से सर्जरी हो चुकी होती है और दोबारा ऑपरेशन की जरूरत आ पड़ती है या फिर ज्यादा उम्र के रोगी या ऐसे मरीज जिन्हे हार्ट के साथ-साथ अन्य गंभीर बिमारियों की शिकायत हो अथवा जिन्हे हार्ट की ही कई तरह की बिमारियां हो -ऐसे मरीज हाई रिस्क की श्रेणी में आते है। 

हाई रिस्क एवं री-डू सर्जरी के मरीजों का हुआ सफल इलाज -
नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पीटल की जोनल क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. माला ऐरन ने कहा कि, ऐसा देखा गया है की जिन मरीजों में हाई रिस्क फैक्टर्स हैं या उन्हें पुनः सर्जरी की आवश्यकता है, उन का सफल इलाज नारायणा जैसे स्पेशलाइज्ड सेन्टर्स में ही हो सकता है जहाँ सर्जिकल और सपोर्ट टीम को काफी अनुभव हो। हमारी कार्डियक टीम सिर्फ राजस्थान ही नहीं उत्तर भारत के अनेक पेशेंट्स का सफलतापूर्वक इलाज कर चुकी है। हमारे यहां किफायती और अत्याधुनिक तकनीकों से उन्नत इलाज होता है।

जयपुर, 27 अप्रैल। प्रसिद्ध डिजाइनर एवं टीचर, जोगी पंघाल मोती डूंगरी रोड स्थित नायला बाग पैलेस में शनिवार, 28 अप्रैल को आयोजित इंटरेक्टिव सैशन ‘मोलिना कलेक्टिव‘ में अपने अनुभव साझा करेंगे। इस सैशन के आयोजकों द्वारा यह जानकारी दी गई, जो मोलिना के मित्र हैं। 
नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ डिजाइन (एनआईडी), अहमदाबाद से प्रोडक्ट डिजाइन में ग्रेजुएशन कर चुके पंघाल गत 35 वर्षों से गुजरात, कश्मीर, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा राज्यों में कलाकारों के साथ डिजाइनिंग का कार्य कर रहे हैं। वे देश के अनेक डिजाइन स्कूलों से भी जुड़े हैं और विदेश के एक डिजाइन स्कूल में विजिटिंग प्रोफेसर भी हैं। 
‘मोलिना कलेक्टिव‘ दिलचस्प, इनोवेटिव एवं समसामयिक विषयों पर परिचर्चा करने का मंच है। यह एक नियमित आयोजन होगा, जो लोगों को एक साथ आने एवं आम रूचि के मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह कार्यक्रम दिवंगत फोटो जर्नलिस्ट मोलिना खिमानी की याद में आयोजित किया जा रहा है, जो हमेशा अपने कार्य के प्रति समर्पित रहती थी और वे सभी के बीच अपनी उदारता एवं रचनात्मकता के लिए जानी जाती थी।
कार्यक्रम के तहत 60-70 मिनट वक्ताओं द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी और फिर क्वेस्चन-आंसर एवं डिस्कशन राउंड का आयोजन होगा।

JOGI PANGHAAL TO SHARE HIS EXPERIENCE AT MOLINA COLLECTIVE

Renowned designer and teacher, Jogi Panghaal will share his experience at an interactive session - Molina Collective tomorrow, on Saturday, 28 April at Naila Bagh Palace in Jaipur. This was informed by the organisers of the event who call themselves friends of Molina.

Mr. Panghaal has been practicing design with the artisanal communities in the states of Gujarat, Kashmir and Chhattisgarh. A graduate from National Institute of Design (NID), Ahmedabad, he has worked in various design schools in India and has also been to design schools abroad as a visiting professor.

‘Molina Collective’ is an interdisciplinary platform to discuss over a wide range of interesting, innovative and exciting topics. It will be a regular event that will encourage people to come together and discuss projects of common interest.

The event is being organised in memory of late Molina Khimani, a photo journalist, true to her work and known for her generosity and creative gifts amongst all.

The event will witness discussion spread over time span of 60-70 minutes with speaker making a presentation followed by question & answer/discussion round.

राजस्थान सरकार के टूरिज्म विभाग द्वारा आयोजित
हैरिटेज पैलेस आॅन व्हील्स से आज प्रातः सवाई माधोपुर पहुंचे खिलाडी
जयपुर। राजस्थान राॅयल्स की टीम ने रणथंभौर में टाईगर सफारी का आनंद उठाया। खिलाड़ियों ने मंगलवार रात को राजस्थान सरकार के टूरिज्म विभाग द्वारा आयोजित इस यात्रा में सुपर लक्जरी ट्रेन - हैरिटेज पैलेस आॅन व्हील्स में जयपुर से सवार हो कर शाही सफर का आनंद लेते हुए बुधवार प्रातः सवाई माधोपुर पहुंचे। सवाई माधोपुर रेल्वे स्टेशन से खिलाड़ियों ने जिप्सीयों में बैठ कर रणथंभौर नेशनल पार्क के जोन 2 में टाईगर की साईटिंग की। 
इस टाइगर सफारी में शामिल खिलाडियों में अजिंक्य राहणे, गौथम कृष्णप्पा, धवल कुलकर्णी, क्लासेन हेनरिच, जोफ्रा आर्चर, जयदेव उनकट, राहुल त्रिपाठी, मिधुन सुधेेसन एवं जतिन सक्सेना अपने-अपने परिवार के सदस्यों के साथ शामिल थेे। खिलाड़ियों के अतिरिक्त राजस्थान राॅयल्स के सीईओ, राजीव खन्ना भी इस सफर में शामिल थे। इस अवसर पर खिलाडियों ने बताया कि हैरिटेज पैलेस आॅन व्हील्स में सफर कर उन्हें अच्छा लगा। इस ट्रेन में सर्विसेज 5 स्टार होटल के समान है। उन्होंने कहा कि भविष्य वे इस लक्जरी ट्रेन के सम्पूर्ण सफर का आनंद लेना चाहेंगे। सभी खिलाडी इस सफारी से अत्यंत रोमांचित हुए और उन्होंने अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया पर राजस्थान टूरिज्म को टेग किया।  
उल्लेखनीय है कि इस लक्जरी ट्रेन पर सवार हो कर 70 फाॅरेन टूर आॅपरेटर्स (एफटीओज्) रविवार, 22 अप्रैल को जयपुर में आयोजित द ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार (जीआईटीबी) में शामिल हुए थे। सोमवार शाम को भी अन्य एफटीओज् ने भी ट्रेन का अवलोकन किया था। 
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